प्रेम “मेरी नजर मे “

मुझे तो नहीं लगता कि प्रेम की कोई परिभाषा होगी, कहते है कि प्रेम को गीत🎵 ओर कविता📋 से प्रस्तुत किया जा सकता है 😊 फिल्मी दुनिया ने भी प्रेम को प्रस्तुत किया है बहुत सी फिल्म है जिसमें प्रेम को बहुत ही गहनता से प्रस्तुत किया है कुछ ही लोग होंगे इस दुनिया में जो प्रेम को गहनता से जानते होंगे ओर वो भी वही जिसने कभी प्रेम किया हो

शुद्ध प्रेम तो जानवरों मे देखने को मिलता है कभी देखना कितना पवित्र होता है उनका प्रेम

“जिसका कोई महत्व नहीं वो महत्वपूर्ण नहीं “

“प्यार एक अद्भुत अहसास होता है जिसने प्रेम को जाना उसने इस जग को जाना “

Published by Ravi Kumar

A Simple Man who writes the stories

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